Top 5 Rifle and guns

What is Geneva convention


जेनेवा समझौता क्या है-
जिनेवा समझौता के अनुसार किन्हीं देशों के बीच युद्ध की स्थिति में या तनाव की स्थिति में किसी दूसरे मुल्क का सैनिक  हिरासत में लिया जाता है तो उसकी हिरासत सजा के तौर पर नहीं हो सकती युद्ध चलने की स्थिति में समाप्त होते ही उसकी रिहाई की जाए। चूंकि हमारे बीच में युद्ध नहीं चल रहा है तो पाक का हमारे जांबाज को हिरासत में रखना अंतरराष्ट्रीय समझौतों के खिलाफ है । युद्ध बंदी सैनिक को किसी भी प्रकार की धमकी नहीं दी जा सकती। अगर घायल है तो उसका उपचार करवाना भी जरूरी है । हमारे जवान के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या उसकी बेज्जती नहीं की जा सकती।  किसी मुल्क को अपनी हिरासत में लिए गए सैनिक को उसकी उत्सुक जनता से दूर रखना पड़ता है ऐसे में युद्ध में घायल सैनिकों की आपत्तिजनक तस्वीरें जारी करना भी नियमों का उल्लंघन है जैसा कि पाकिस्तान ने किया है। जिस देश ने सैनिक को अपने कब्जे में लिया है उसका दायित्व है कि वह सैनिक के रहने, खाने, कपड़े, साफ सफाई , उपचार का आवश्यक प्रबंध करें। युद्ध बंदी सैनिक से उसकी रैंक , देश का झंडा और भावनात्मक लगाव से जुड़ी कोई भी वस्तु नहीं छीनी जा सकती इसी प्रकार से पाकिस्तान के लिए बाध्य है कि वह हमारे जांबाज़ पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को सुरक्षित बिना किसी जबरदस्ती के भारत को सुपुर्द करें।

दिनांक 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी सेना प्रवक्ता ने कहा कि भारत के दो पायलट हमारी सेना के कब्जे में है तथा एक घायल है जिसको उपचार के लिए ले जाया गया है व दूसरा हमारी सेना के कब्जे में है बाद में अपने बयान से पलटते हुए पाकिस्तानी सेना प्रवक्ता ने कहा कि भारत का एक पायलट हमारी आर्मी के कब्जे में है और सुरक्षित है, हम उसके साथ अच्छा व्यवहार कर रहे हैं परंतु विंग कमांडर अभिनंदन के आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर अपने दावे का खोखलापन दिखा दिया। इस पर भारत ने   आपत्ति जताई है। और कहा है कि तुरंत हमारे जांबाज को भारत भेजा जाए सुरक्षित बिना किसी जबरदस्ती के ।

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